बिना बजट के पत्थर लगाने से विकास नहीं होता : मोदी
हर सुख-दुख से परिचित
उन्होंने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिना बजट के पत्थर लगाने से विकास नहीं होता है। उन्होंने खुद को श्रवण बताते हुए कहा कि पुराने जमाने में मां-बाप को यात्रा कराने के लिए श्रवण को याद किया जाता था, वैसे ही आने वाले दिनों में आप श्रवण को याद करेंगे। उन्होंने कहा, पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती है। मैं (प्रधानमंत्री) राज्य के हर गली-मोहल्ले और सुख-दुख से परिचित हूं।’
Courtesy- PUNJABKESARI
उन्होंने कहा, बिना योजना बनाए अगर मैं इस परियोजना का शिलांयास कर देता तो यह जल्दबाजी होती। जल्दबाजी में शिलान्यास से राजनीति तो चल सकती है, समाज नीति नहीं चल सकती। इसलिए हमने समय लिया और योजना बनाई, फिर काम किया।’ उन्होंने अपने भाषण में नितिन गडकरी की तारीफ की। उन्होंने कहा, देश भर में सड़कों का काम चल रहा है। रास्ता ऐसा बने कि 100 साल तक दिक्कत ना हो। इसके लिए सलाहाकरों से संपर्क कर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 हजार करोड़ रुपए की इस सड़क परियोजना में राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा।

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